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फ़रवरी, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

, श्री_राम_मन्दिर_निर्माण_समर्पण_निधिखुद किसी से 10रुपये से ज्यादा का चढ़ावा स्वीकार नही करते, पर जब #अयोध्या_राम_मंदिर_निर्माण की बारी आई तो दस दस रुपये के #ढाई_लाख रुपये दिए। निमाड़ नर्मदा मइया के किनारे रहने वाले पूज्य सियाराम बाबा ने अपने 10 _10 रुपये की आई भेट को राम मंदिर निर्माण में समर्पित करदिया। वाकई सन्त ही सनातन की रीढ़ है इन सन्तो ने ही हजारो वर्षो से सारे थपेड़े खाकर भी हमे सनातन सुरक्षित लाकर सौपा है। मित्रो अपने सन्तो महंतों का आदर करो ये वो भगीरथ है जो इतिहास के सारे घाव सहकर भी सनातन धर्म को सुरक्षित यहां तक लेकर आए और हमे सोपा है ,#वामपंथी भेड़ियो ओर #फ़िल्मी जिहाद के बहकावे में आकर अपने सनातन सन्तो का कभी अपमान नही करना। ये सन्त ही भारत और सनातन की आत्मा है। पूज्य #सियाराम बाबा जैसे सन्त हर जगह है जो जहाँ है वहां उनका सम्मान करो ।ये धरोहर है हमारे सनातन की।। जय सियाराम।।

, सीता राम सीता राम सीताराम कहिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये मुख में हो राम नाम राम सेवा हाथ में नहिं तू अकेला प्यारे राम तेरे साथ में विधि का विधान जान हानि लाभ सहिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा होगा प्यारे वही जो श्री रामजी को भायेगा फल आशा त्याग शुभ काम करते रहिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये ज़िन्दगी की डोर सौंप हाथ दीनानाथ के महलों मे राखे चाहे झोंपड़ी मे वास दे धन्यवाद निर्विवाद राम राम कहिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये आशा एक रामजी से दूजी आशा छोड़ दे नाता एक रामजी से दूजा नाते तोड़ दे साधु संग राम रंग अंग अंग रंगिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये सीता राम सीता राम सीताराम कहिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये सीता राम सीता राम सीताराम कहिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये भजन संकलन - Vnita kasnia Punjab

, अवध पूरी के राज दुलारे घर आये श्री राम दीप जलाओ मंगल गाओ करते रहो गुणगान By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब मन मंदिर में झाँक के देखा राम ही राम समाये, राम नाम की ज्योत जगा कर मन में राम रचाए खुशियों के दिन आये बोलो मिल कर जय श्री राम दीप जलाओ मंगल गाओ करते रहो गुणगान तेरे भरोसे दुनिया चली है राम नाम से ही मुक्ति मिली है, रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए पर वचन न जाई सपना हुआ साकार मंदिर वही बना है राम का जन्मे थे या राम दीप जलाओ मंगल गाओ करते रहो गुणगान रोम रोम तेरा नाम पुकारे जय रघुनंद राम प्यारे, जानकी रही भावना जैसी प्रभु मूर्ति देखि तिन जैसी सब का करो कल्याण राज तिलक की करो तयारी घर आये श्री राम दीप जलाओ मंगल गाओ करते रहो गुणगान ,

अपने ही मन से राम को भुलाय के सजा पइहो मनवा हरी विश्राय के गर्भ में पहिले कौल करि आयए यहाँ पर आके प्रभु को भुलाये गर्भ में पहिले कौल करि आयए यहाँ पर आके प्रभु को भुलाये भूल गइले प्राणी प्रभु को माया में फसाय के सजा पइहो मनवा हरी विश्राय के स्वास का पंछी जबहि उड़ जइहै तो खली पिजरा परा रही जइहै स्वास का पंछी जबहि उड़ जइहै तो खली पिजरा परा रही जइहै ले जावे घरके तेरे कंधे पे उठाय के सजा पइहो मनवा हरी विश्राय के लकडिया चुन-चुन सेज सजवहय ताहि पे तुहका ढंग से लेटाइहय लकडिया चुन-चुन सेज सजवहय ताहि पे तुहका ढंग से लेटाइहय फूक देइहय देहिया तोहरी अगिया लगाय के सजा पइहो मनवा हरी विश्राय के By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब,

, निर्बल हो कर कोई, जब उन्हें पुकारा है, फिर कौन बिगाड़ेगा, जब राम सहारा है, By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब निर्बल होकर कोई।। कोई राम राम कहता, कोई शिव शिव गाता है, कोई कृष्णा राधे राधे, कोई कोई ध्यान लगता है, हमे ये भी प्यारा है, हमे वो भी प्यारा है, फिर कोन बिगाड़ेगा, जब राम सहारा है, निर्बल हो कर कोई।। कोई साहिल पे जा के, साहिल को ढूंढ रहा, दरिया के किनारे भी, प्यासा वो घूम रहा, सबसे धनवान का सुत. किस्मत का मारा है, फिर कोन बिगाड़ेगा, जब राम सहारा है, निर्बल हो कर कोई।। मैने जीवन सौप दिया, रघुनाथ के हाथों में, मुझे मिला दिब्य ज्योति, अंधेरी रातों में, रघुनाथ के भक्तों का, कोई कुछ न बिगाड़ा, फिर कोन बिगाड़ेगा, जब राम सहारा है, निर्बल हो कर कोई।। निर्बल हो कर कोई, जब उन्हें पुकारा है, फिर कौन बिगाड़ेगा, जब राम महारा है, निर्बल हो कर कोई।।

, मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम मुझे अपनी शरण में ले लो राम लोचन मन में जगह ना हो तो जुगल चरण में ले लो राम ले लो राम मुझे अपनी शरण में ले लो राम जीवन देके जाल बिछाया रच के माया नाच नचाया चिंता मेरी तभी मिटेगी जब चिंतन में ले लो राम ले लो राम मुझे अपनी शरण में ले लो राम............ तुमने लाखों पापी तारे मेरी बारी बाज़ी हारे मेरे पास न पुण्य की पूँजी पद पूजन में ले लो राम ले लो राम मुझे अपनी शरण में ले लो राम........... By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब. घर घर अटकूं दर दर भटकूं कहाँ कहाँ अपना सर पटकूं इस जीवन में मिलो न तुम तो राम हे राम मुझे मरण में ले लो राम ले लो राम मुझे अपनी शरण में ले लो राम...........

#💞हैप्पी वैलेंटाइन डे #,

, 🙏🙏🙏🙏🙏सत्यम शिवम सुंदरम ॐ समय ॐसत्य प्रेम करुणा,💥💥💥💥💥💥by समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब, जय श्री राम जय हनुमान राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे,तसहस्रनाम तत्तुल्य रामनाम वरानने,जय श्री राम जय सीतारामऐ मेर हनुमानजी महाराजसारी दुनिया आपके सामने झुके ऐसी दुआ मागु लेकिन दुनिया की कोई ताकत आपको झुका ना सके ये दुआ जरूर मागुऐ मेरे हनुमानजी महाराजतुम्हारी जय हो,जय श्री राम जय सीतारामजय हनुमान बोलो जय सीतारामराम लक्ष्मण जानकी जय बोलो हनुमान की🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏आदी शिव आदी महाशक्ति आदी शिव शक्ति नमो नमः💥💥💥💥💥💥

राम नगरीया राम की, और बसे गंग के तीर, अटल राज महाराज को चौकी हनुमत वीर चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़, तुलसीदास चन्दन घिसे तिलक करे रघुवीर हे पुरुषोत्तम श्रीराम करूणानिधान भगवान, तुम्हे कोटि कोटि प्रणाम तुम्हे कोटि कोटि प्रणाम जानकीनाथ लखन के भैया केवटिया तुम पार लगइया, केवट की तुम तारी नैया तारो प्रभुजी मेरी नैया, दशरथ नंदन राम दशरथ नंदन राम, करूणानिधान भगवान तुम्हे कोटि कोटि प्रणाम, तुम्हे कोटि कोटि प्रणाम... पिता वचन वनवास सिधारे गिद्धराज निज धाम पधारे, जनकराज संताप मिटाए चारों भैया ब्याह के आए, जानकी वल्लभ राम जानकी वल्लभ राम, करूणानिधान भगवान तुम्हे कोटि कोटि प्रणाम, तुम्हे कोटि कोटि प्रणाम... जब सुग्रीव शरण में आया अभयदान रघुवर से पाया, तुलसी के प्रिय राम तुलसी के प्रिय राम, करूणानिधान भगवान तुम्हे कोटि कोटि प्रणाम, तुम्हे कोटि कोटि प्रणाम..... by समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब,

, हाल दिल का तुझसे केह दिया तेरा काम जाने, मेरी बिगड़ी बनेगी कैसे तू ही राम जाने रंग दुनिया के मैं न समज पाती हु हस के माया में तेरी उलज जाती हु कैसे रखता है तू सब पे लगाम जाने मेरी बिगड़ी बनेगी कैसे तू ही राम जाने तुझको मंजूर जो जग में होता वही राज गेहरा हो कितना वो छुपता नही सिवा तेरे न किसी का कोई अंजाम जाने मेरी बिगड़ी बनेगी कैसे तू ही राम जाने छोड़ा जग तो प्रबु तेरा दर मिल गया इस दास को चरणों में घर मिल गया कैसे रखे गा तू भगतो का समान जाने मेरी बिगड़ी बनेगी कैसे तू ही राम जाने by समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब,